भारत में सुप्रीम कोर्ट की स्थापन
रेग्युलेटिंग एक्ट, 1773 से इंग्लैंड के सम्राट को कलकत्ता में सुप्रीम कोर्ट स्थापित करने का अधिकार प्राप्त हुआ। परिणामस्वरूप सम्राट जॉर्ज द्वितीय ने 26 जुलाई, 1774 को चार्टर जारी कर कोलकाता में सुप्रीम कोर्ट की स्थापना की। यह एक अभिलेख न्यायालय था और मुकदमों का संपूर्ण अभिलेख रखा जाता था। सर एलीजा इम्पे को मुख्य न्यायाधीश तथा रॉबर्ट चैम्बर्स, स्टिफन सीजर लि मैस्टर और जॉन हाइड को अन्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया। सुप्रीम कोर्ट को समस्त आपराधिक, दीवानी, नवाधिकरण हिंदी तथा धार्मिक मामलों की सुनवाई कर निर्मित करने का अधिकार दिया गया था। उसे रेट जारी करने की शक्ति भी प्रदान की गई थी। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की अपील प्रीवियस काउंसिल में की जा सकती थी वैसे भारत में संख्या विद्यालय की स्थापना भारत शासन अधिनियम 1935 के द्वारा अक्टूबर 1937 को की गई मोरिस गवैयर को संघीय न्यायालय का पहला मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया था।