एक्ट ऑफ सेटलमेंट, 1781
1773 के रेग्युलेटिंग एक्ट की कमियों को दूर करने के उद्देश्य से ब्रिटिश संसद द्वारा 'एक्ट ऑफ सेटलमेंट, 1781 को पारित किया गया। इसके अनुसार, कलकत्ता की सरकार को बंगाल, बिहार और उड़ीसा के लिए भी विधि बनाने का अधिकार प्रदान किया गया। इस अधिनियम द्वारा सर्वोच्च न्यायालय पर यह रोक लगा दी गयी कि वह कंपनी के कर्मचारियों के विरुद्ध कार्यवाही नहीं कर सकता, जो उन्होंने एक सरकारी अधिकारी की हैसियत से किया हो। कानून बनाने तथा उसका क्रियान्वयन करते समय भारतीयों के सामाजिक तथा धार्मिक रीति-रिवाजों का सम्मान करने का भी निर्देश दिया गया। इस एक्ट ऑफ सेटलमेंट के द्वारा ही राजस्व अधिकारिता को समाप्त कर दिया गया।