भौतिक परिवर्तन (Physical Changes)
ऐसे परिवर्तन जिनमें कोई नया पदार्थ नहीं बनता है, भौतिक परिवर्तन कहलाते हैं। भौतिक परिवर्तन में पदार्थ का रासायनिक संघटन व अणु संरचना परिवर्तित नहीं होते हैं। भौतिक परिवर्तन के निम्नलिखित लक्षण हैं:
(1) भौतिक परिवर्तनों में नया पदार्थ नहीं बनता है (मूल लक्षण)।
(2) भौतिक परिवर्तनों में मूल पदार्थ के विशिष्ट गुणों में परिवर्तन नहीं होता है, अर्थात् पदार्थ की रासायनिक प्रकृति नहीं बदलती है (मूल लक्षण) ।
(3)भौतिक परिवर्तन प्रायः अस्थायी (temporary) होते हैं। प्रक्रिया केवल तभी तक होती है जब तक कि प्रक्रिया का कारण रहता है। प्रक्रिया का कारण हट जाने पर प्रक्रिया उत्क्रमित (reverse) हो जाती है (गौण लक्षण) । पदार्थों की भौतिक अवस्था, दशा, आकृति, आकार, आयतन आदि में परिवर्तन भौतिक परिवर्तन हैं। पदार्थों का गलना (melting), वाष्पन(evaporation), द्रवण (condensation), जमना (freezing) आदि परिवर्तन तथा आसवन (distillation), ऊर्ध्वपातन (sublimation) आदि प्रक्रम भौतिक परिवर्तन हैं।
रासायनिक परिवर्तन (Chemical Changes)
ऐसे परिवर्तन जिनमें नये पदार्थ बन जाते हैं, रासायनिक परिवर्तन कहलाते हैं। रासायनिक परिवर्तन में मूल पदार्थ का रासायनिक संघटन और उसकी अणु संरचना या केवल अणु संरचना बदल जाती है। रासायनिक परिवर्तन के निम्नलिखित लक्षण हैं:
(1) रासायनिक परिवर्तनों में पदार्थ के गुण बदल जाते हैं, अर्थात् पदार्थ की रासायनिक प्रकृति (chemical nature) बदल जाती है (मूल लक्षण) ।
(2) रासायनिक परिवर्तन में नये पदार्थ बन जाते हैं, जिनके गुण मूल पदार्थ के गुणों से भिन्न होते हैं। (मूल लक्षण) ।
(3) रासायनिक परिवर्तन प्रायः स्थायी (permanent) होते हैं। परिवर्तन का कारण हटाने पर प्रक्रिया उत्क्रमित (reverse) नहीं होती है (गौण लक्षण) ।
(4) रासायनिक परिवर्तनों में ऊर्जा परिवर्तन भौतिक परिवर्तनों के अपेक्षाकृत अधिक होते हैं। 'इन परिवर्तनों में बहुधा ऊष्मा, प्रकाश आदि निकलते हैं, या अवशोषित होते हैं (गौण लक्षण) । पदार्थों का जलना, जंग लगना, किण्वन, संयोजन अभिक्रियाएँ, अपघटन अभिक्रियाएँ, अपररूपी परिवर्तन, समावयवी परिवर्तन तथा अन्य सभी रासायनिक अभिक्रियाएँ रासायनिक परिवर्तन हैं।